
आलोट/रतलाम | रतलाम जिले के आलोट तहसील के अंतर्गत आने वाले खजूरी सोलंकी क्षेत्र में पदस्थ एक पटवारी द्वारा सुसाइड नोट लिखकर आत्महत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।

मृतक पटवारी रविशंकर खराड़ी ने अपने सुसाइड नोट में नायब तहसीलदार सविता राठौर पर मानसिक प्रताड़ना और नियम विरुद्ध कार्य करने के लिए दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना के बाद से ही क्षेत्र के राजस्व जगत और कर्मचारियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।

सुसाइड नोट में छलका दर्द: ‘दबाव में नौकरी नहीं कर सकता’
मृतक पटवारी ने मरने से पहले लिखे पत्र में अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया कि नायब तहसीलदार द्वारा उन पर पटवारी हल्का नंबर 34 के कार्यों को लेकर लगातार अनुचित दबाव बनाया जा रहा था। पत्र के अनुसार, नायब तहसीलदार द्वारा पूर्व की मौका रिपोर्ट, पंचनामा और नक्शा बटांकन के दस्तावेजों को दबाव डालकर बदलवाया गया। रविशंकर ने यह भी उल्लेख किया कि उन्हें अपने भाई की शादी तक में शामिल होने के लिए समय नहीं दिया गया और क्वार्टर पर बुलाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।

गलत काम कराने और रिकॉर्डिंग का जिक्रसुसाइड नोट में एक अन्य व्यक्ति रणजीत सिंह का भी जिक्र है, जिसके पक्ष में काम करने के लिए पटवारी पर दबाव डाला जा रहा था। मृतक ने दावा किया था कि उनके पास नायब तहसीलदार की प्रताड़ना और गलत काम कराने से संबंधित रिकॉर्डिंग भी मौजूद है। पटवारी ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने विरोध किया, तो उन्हें ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी कर डराने की कोशिश की गई। पत्र के अंत में उन्होंने लिखा, “मैं दबावपूर्ण नौकरी नहीं कर सकता

राजस्व अमले में आक्रोश, जांच की मांगइस घटना के बाद आलोट तहसील के अन्य पटवारियों ने भी दबे स्वर में नायब तहसीलदार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि कई अन्य पटवारी भी इसी तरह की प्रताड़ना झेल रहे हैं। फिलहाल, पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
इन बिंदुओं पर टिकी है जांच:
- सुसाइड नोट में जिक्र की गई ‘रिकॉर्डिंग’ की तलाश।
- राजस्व दस्तावेजों में किए गए कथित बदलावों की समीक्षा।
- आरोपी अधिकारी के विरुद्ध विभाग और पुलिस की आगामी कार्रवाई।
