
आलोट। बरखेड़ा रोड स्थित गेहूं तुलाई केंद्र क्रमांक 45 विक्रमगढ़ पर गुरुवार को उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब जांच में अमानक पाए गए गेहूं को केंद्र पर लेने से मना कर दिया गया। प्रशासन ने साफ किया कि शासन के तय गुणवत्ता मानकों से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं किया जाएगा।केंद्र पर मौजूद अधिकारियों ने बताया कि खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के तहत संचालित हो रही है और केवल वही गेहूं लिया जा सकता है, जो निर्धारित मापदंडों पर खरा उतरे।

जांच के दौरान कुछ किसानों का गेहूं नमी एवं गुणवत्ता के मानकों पर खरा नहीं पाया गया, जिसे लेने से इनकार कर दिया गया।प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसानों को केंद्र पर उपज लाने से पूर्व अपनी फसल का नमूना प्रस्तुत कर गुणवत्ता जांच (एफएक्यू) करवाना अनिवार्य है। नमूना पास होने के बाद ही किसान अपनी उपज लेकर केंद्र पर पहुंचे।
केवल एफएक्यू (Fair Average Quality) स्तर का गेहूं ही खरीदी योग्य है, जबकि अमानक स्तर का गेहूं किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
शासन के निर्देश अनुसार खरीदी के प्रमुख नियम इस प्रकार हैं—किसान तुलाई केंद्र पर आने से पूर्व अपने गेहूं का नमूना केंद्र पर प्रस्तुत कर क्वालिटी जांच कराएं।नमूना पास होने के बाद ही गेहूं खरीदी केंद्र पर लाया जाए।अमानक स्तर का गेहूं किसी भी स्थिति में खरीदी योग्य नहीं है।केवल एफएक्यू (FAQ Quality) का गेहूं ही खरीदा जाएगा।किसान नमी युक्त या खराब गुणवत्ता का गेहूं केंद्र पर न लाएं। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने खेतों में ही गेहूं को अच्छी तरह सुखाकर एवं साफ-सफाई के बाद ही तुलाई केंद्र पर लाएं।
घटना के दौरान कुछ लोगों ने विरोध जताते हुए केंद्र पर धरना शुरू कर दिया, जिससे कुछ समय के लिए खरीदी कार्य प्रभावित हुआ। स्थिति तब और बिगड़ गई जब विरोध कर रहे लोगों ने ट्रैक्टर सड़क पर खड़ा कर आवागमन बाधित कर दिया।
सूचना मिलते ही तहसीलदार पंकज पवैया मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाइश दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रशासन शासन के नियमों से बंधा है और अमानक गेहूं की खरीदी करना संभव नहीं है।
समझाइश के बाद स्थिति सामान्य हुई और मार्ग से जाम हटाया गया।अधिकारियों ने कहा कि अमानक गेहूं की खरीदी से भंडारण के दौरान पूरे स्टॉक के खराब होने की आशंका रहती है, जिससे सरकारी संसाधनों पर विपरीत असर पड़ता है। प्रशासन ने दोहराया कि खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और सभी किसानों के साथ समान व्यवहार किया हैजा रहा है।
प्रशासन ने किसानों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि वे शासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि खरीदी प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित होती रहे।

