
आलोट। ताल–आलोट मार्ग पर नागदा–कोटा रेलखंड के रेलवे समपार फाटक क्रमांक 20 पर निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के निर्माण में करीब एक दशक से आ रही भूमि विवाद की बाधा गुरुवार को दूर हो गई। प्रशासनिक अमले ने मौके पर पहुंचकर विवादित भूमि का अधिग्रहण कर उसका भौतिक कब्जा अपने हाथ में ले लिया। इसके बाद वर्षों से रुका हुआ ओवरब्रिज का शेष निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार इस ओवरब्रिज के निर्माण का बड़ा हिस्सा केंद्र सरकार की एजेंसी द्वारा पूर्व में ही पूरा कर लिया गया था और रेलवे पटरी के ऊपर का ढांचा भी करीब दस वर्ष पहले तैयार कर दिया गया था। लेकिन एप्रोच रोड के लिए आवश्यक कुछ निजी भूमि के अधिग्रहण को लेकर विवाद और न्यायालयीन प्रक्रिया के कारण निर्माण कार्य लंबे समय से अटका हुआ था।

कलेक्टर कार्यालय रतलाम द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार ग्राम जीवनगढ़, तहसील आलोट की कुल 0.511 हेक्टेयर भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए अधिग्रहित की गई है। प्रभावित भू-स्वामियों में रामसिंह पिता पूरसिंह राजपूत, घेवरमल पिता चांदमल बाठिया, पूरसिंह पिता भवरसिंह राजपूत तथा गजेन्द्र पिता हरिशंकर शर्मा की भूमि शामिल है।

मौके पर प्रशासनिक टीम द्वारा अधिग्रहित भूमि का सीमांकन कर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के सेतु निर्माण विभाग को हैंडओवर किया गया। इस दौरान राजस्व विभाग और पीडब्ल्यूडी की संयुक्त टीम मौजूद रही। टीम में पीडब्ल्यूडी के दो सब इंजीनियर सहित राजस्व निरीक्षक महेंद्र वडिया, पटवारी त्रिलोक धामानिया, स्वागत दुबे, चंद्रशेखर मेड़ा, संजय कुशवाह, देवेंद्र डोडिया तथा संजय चौहान उपस्थित रहे। वहीं एसडीओ (राजस्व) रतलाम के निर्देशन में पूरी कार्रवाई संपन्न कराई गई।

भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब लोक निर्माण विभाग के सेतु निर्माण संभाग द्वारा ओवरब्रिज के शेष निर्माण कार्य को गति दी जाएगी। ओवरब्रिज के पूर्ण होने पर ताल–आलोट मार्ग से आवागमन करने वाले हजारों लोगों को रेलवे फाटक पर लगने वाले लंबे जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। क्षेत्रवासियों को अब करीब एक दशक से लंबित इस परियोजना के जल्द पूरा होने की आशा जगी है।


