
रतलाम
जिले के पटवारी इन दिनों फार्मर आईडी कार्ड को लेकर परेशान है. फार्मर आईडी बनाने का प्रशासनिक दबाव और उसमें आ रही तकनीकी समस्याओं की वजह से राजस्व विभाग के कर्मचारी परेशान होकर हड़ताल पर चले गए हैं. रतलाम में फार्मर आईडी के कार्य में लापरवाही बरतने ने की वजह से रतलाम जिले में दो पटवारी को निलंबित कर दिया गया जिसके बाद अब पटवारी ने काम बंद करो फार्मर आईडी के कार्य में आ रही तकनीकी समस्याओं का समाधान करने और निलंबित पटवारीयों को बहाल करने की मांग की है. पटवारी की हड़ताल की वजह से मुख्यमंत्री जनविश्वास कार्यक्रम पर भी इसका असर पड़ा है जहां आने वाले लोगों को राजस्व विभाग से संबंधित समस्याओं का समाधान नहीं मिला है.
संयुक्त खातेदार और ओटीपी नहीं मिलने की वजह से फार्मर आईडी का कार्य अधूरा
रतलाम में फार्मर आईडी कार्य में आ रही परेशानियों को लेकर पटवारी ने प्रोटेस्ट शुरू कर दिया है. जिला पटवारी संघ के तेजवीर चौधरी ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार फार्मर आईडी बनाने का कार्य पटवारी के द्वारा लगातार किया जा रहा है लेकिन इसमें आ रही कुछ तकनीकी समस्याओं की वजह से एक पटवारी हल्का में 100% फार्मर आईडी बनाना संभव ही नहीं है. सबसे बड़ी समस्या परिमार्जन की आ रही है जिसमें एक ही जमीन के खाते में कई सदस्यों के नाम है. जिसकी वजह से किसी एक सदस्य की फार्मर आईडी बनाना संभव नहीं है क्योंकि अन्य सदस्य इसके लिए सहमत नहीं होते हैं. कई फार्मर खाते तो ऐसे हैं जिनका डायवर्सन हो चुका है और वहां कालोनियां या अन्य व्यावसायिक गतिविधियां शुरू हो गई है लेकिन उनके भूमि स्वामियों की फार्मर आईडी बनाना संभव नहीं है.वहीं, किसी व्यक्ति की मृत्यु होने के बाद होने वाले नामांतरण में पत्नी बेटियों और पुत्रों के नाम दर्ज किए जाते हैं. ऐसी स्थिति में भी सभी सदस्यों की फार्मर आईडी बनाना संभव नहीं है. कई किसानों के मोबाइल नंबर आधार के साथ लिंक नहीं है इस वजह से ओटीपी की भी समस्या आ रही है. तेजवीर चौधरी ने बताया कि रतलाम जिले में फार्मर आईडी बनाने का कार्य पटवारी के द्वारा पूरी ईमानदारी से किया गया है बावजूद इसके पटवारी पर निलंबन की कार्यवाही की जा रही है.
रतलाम जिले में पटवारी की हड़ताल के साथ ही फार्मर आईडी बनाने का कार्य भी प्रभावित हो रहा है और मुख्यमंत्री जन विश्वास जैसे आयोजन में भी कार्य प्रभावित हो रहा है


