
आलोट। गोसंरक्षण और गोसम्मान के मुद्दे पर सोमवार को आलोट में संगठित जनस्वर उभरकर सामने आया। गो सम्मान आह्वान अभियान के अंतर्गत क्षेत्र के गौसेवकों ने कारगिल चौराहे पर एकत्रित होकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए गोमाता को ‘राष्ट्रमाता’ का संवैधानिक दर्जा प्रदान करने की मांग की।
ज्ञापन में गोवंश संरक्षण हेतु व्यापक और कठोर नीतिगत हस्तक्षेप की आवश्यकता रेखांकित की गई। प्रमुख मांगों में गोवंश के वध पर पूर्ण प्रतिबंध, तस्करी एवं अवैध गतिविधियों को संज्ञेय एवं गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में शामिल करना, साथ ही देशभर में एक समान प्रभावी कानून लागू करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, केंद्र स्तर पर स्वतंत्र ‘गौसेवा मंत्रालय’ के गठन एवं कठोर दंडात्मक प्रावधानों से युक्त केंद्रीय कानून बनाने की अपेक्षा भी व्यक्त की गई।
कार्यक्रम का प्रारंभ प्रातः 11 बजे हुआ, जिसमें विपरीत मौसम परिस्थितियों के बावजूद उल्लेखनीय जनसहभागिता रही। इस दौरान गोधन का विधिवत पूजन कर गोमाता के समक्ष ज्ञापन का औपचारिक वाचन किया गया। वक्ताओं ने अपने उद्बोधनों में वर्तमान परिदृश्य में गोवंश की उपेक्षित स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में गोसंरक्षण की व्यवस्थाएं अपेक्षित स्तर पर प्रभावी नहीं हैं, जिसके परिणामस्वरूप गोवंश दुर्घटनाओं एवं अन्य जोखिमों का सामना कर रहा है।
गौसेवकों ने शासन-प्रशासन से विषय की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए शीघ्र ठोस एवं निर्णायक कदम उठाने का आग्रह किया। इस अवसर पर गोवर्धन गोशाला अध्यक्ष मनीष सेठिया, विनोद माली, अनिल भरवा, भूपेंद्र सिंह सोलंकी, राजेश प्रजापति सहित अन्य उपस्थित जनों ने अपने विचार व्यक्त किए।

