
मृतक व्यापारी शिवम राठौड़ के परिजन मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचे और एडीएम शालिनी श्रीवास्तव को इस मामले की निष्पक्ष जांच करवाने का आवेदन दिया है. मृतक के भाई प्रदीप राठौड़ ने बताया कि नामली के अनुराग अग्रवाल और रतलाम के चंदन शर्मा, पराग शर्मा और महेश शर्मा शिवम को रूपों की लेनदेन के लिए लगातार परेशान कर रहे थे।
शिवम की लाश मिलने के एक दिन पहले भी वह उसे ढूंढने घर आए थे और अगले दिन सुबह उसकी मौत होने के बाद शिवम का साइन किया हुआ सेल्फ का चेक लेकर एसबीआई नामली बैंक में भुनाने पहुंच गए थे। इन सभी लोगों की संदिग्ध गतिविधि अलग-अलग जगह लगे सीसीटीवी कैमरा में भी कैद हुई थी. बावजूडिस के केवल एक आरोपी को गिरफ्तार कर नामली थाना पुलिस इस घटना को केवल आत्महत्या मान रही है. परिजनों ने हत्या का संदेह व्यक्त करते हुए पांच लोगों पर नामजद एफआईआर करवाई थी।
परिजनों का कहना है कि नामली पुलिस ने उनकी सुनवाई नहीं की और हत्या के मामले को आत्महत्या में तब्दील करने के लिए साजिश रची जा रही है .मृतक के परिजन आज जनसुनवाई में पहुंचे और उन्होंने नामली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. मृतक के भाई प्रदीप ने बताया कि हमने सबूत भी दिए हैं सीसीटीवी कैमरे के वीडियो भी पुलिस को उपलब्ध कराए और पांच लोगों के खिलाफ नामजद शिकायत भी की है.
लेकिन पुलिस भाजपा नेताओं के दबाव में आकर कार्रवाई नहीं कर रही है. परिजन संजू राठौड़ ने बताया कि पुलिस ने अब तक शिवम का मोबाइल नहीं ढूंढा है. घटना वाले दिन मौके से कोई जहर या कीटनाशक की बोतल नहीं मिली थी लेकिन दो दिन बाद पुलिस जहर की शीशी मिलने की बात कह रही है. परिजनों का कहना है कि यदि शिवम को न्याय नहीं मिला तो वह परिवार और समाज के साथ सड़क पर उतरकर अनशन करेंगे.
बहरहाल इस मामले में परिजनों को शिवम की हत्या किए जाने का शक है. वहीं, नामली थाना पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है. थाना प्रभारी गायत्री सोनी ने बताया कि इस मामले की जांच जारी है. परिजनों की शिकायत पर पांच लोगों के विरुद्ध नामजद प्रकरण दर्ज किया गया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहरीला पदार्थ खाने की पुष्टि हुई है. पुलिस इस पूरे मामले में सभी पहलुओं पर निष्पक्ष जांच कर रही है.



