
आलोट। नगर के श्री महावीर विद्यालय में विद्यालय के संस्थापक स्वर्गीय कुंदनमल जी जैन ‘दा साहब’ की पुण्यतिथि को आध्यात्मिक दिवस के रूप में अत्यंत श्रद्धा, गरिमा और भावपूर्ण वातावरण में मनाया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में दा साहब के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया तथा णमोकार मंत्र और शांति पाठ के साथ आध्यात्मिक श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नागेश्वर तीर्थ से जुड़े समाजसेवी मोहनलाल जी जैन उपस्थित रहे। विशेष अतिथियों में दा साहब के सानिध्य में जीवन व्यतीत करने वाले रमेशचंद्र जी तिवारी एवं मांगीलाल जी लोहार, संस्था के उपाध्यक्ष सत्यनारायण काकाणी, कोषाध्यक्ष धर्मचंद जी जैन, सचिव श्रीमाल जी भंडारी तथा प्राचार्य मनोज शर्मा शामिल रहे।
अतिथि वक्ताओं ने अपने उद्बोधन में दा साहब के त्यागमय जीवन को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने समाजसेवा को ही अपना धर्म माना। उन्होंने निःशुल्क आयुर्वेदिक औषधालय और पुस्तकालय का संचालन कर जरूरतमंदों की सेवा की। गरीबों को दवाइयों के साथ दूध की सहायता उपलब्ध कराना उनके व्यक्तित्व की संवेदनशीलता का परिचायक था। वक्ताओं ने कहा कि 1973 में दा साहब ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, श्रेष्ठ संस्कार और आदर्श आचरण के उद्देश्य से विद्यालय की स्थापना की थी, जो आज एक विशाल वटवृक्ष के रूप में समाज को दिशा दे रहा है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों रणवीर सिंह, बौधायन सिंह, आस्था पोरवाल, आराध्या सोलंकी, माधव मीणा एवं राधा आंजना ने विभिन्न महापुरुषों के जीवन पर अपने विचार प्रस्तुत किए। इस अवसर पर छत्रपति शिवाजी महाराज, रामकृष्ण परमहंस एवं माधव सदाशिव गोलवलकर को भी श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। विद्यार्थियों ने दा साहब के सेवा कार्यों से जुड़े संदेशों की तख्तियाँ प्रदर्शित कर समाजसेवा और मानवीय मूल्यों का संदेश दिया।
कार्यक्रम का संचालन अश्विनी मिश्रा एवं रुबिना खातून ने किया। अतिथि परिचय निधि धनोतिया द्वारा दिया गया तथा अंजली काला और मुस्कान भेसोटा ने अतिथियों का तिलक कर स्वागत किया। मंच पर अतिथियों का स्वागत विभिन्न विभाग प्रमुखों द्वारा किया गया।
अंत में प्राचार्य मनोज शर्मा ने आभार व्यक्त करते हुए दा साहब के आदर्शों को जीवन में उतारने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम शांत, अनुशासित और प्रेरणादायी वातावरण में संपन्न हुआ।




