आदिवासियों और पिछड़ा जाति पर सरकार का संविधान के प्रति अनुच्छेद उल्लंघन

बालाघाट
मप्र से बाप विधायक कमलेश्वर डोडियार ने बालाघाट जिले के विभिन्न बैगा आदिवासियों के गांवों में हाल ही में कथित महामारी से मारे गए बच्चों के परिवारों से मिल जीवन से जुड़ी आवश्यक व्यवस्थाएं देखी है जहाँ लोग पत्थरों के नीचे पेड़ों की जड़ों के नीचे से पानी निकाल कर पिने को मजबूर हैं खाने की कोई व्यवस्थाएं नहीं, बिमार होने पर मरीज लेकर अस्पताल जाने के लिए न रास्ता न अस्पताल है।
यहाँ संविधान के हर अनुच्छेद का उल्लंघन है। आदिवासियों खासकर विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा के विशेष अधिकार होने के बावजूद सारा हक अर्थात् आंगनवाड़ी का राशन उचित मूल्य की दुकान का राशन पेय जल इंफ्रास्ट्रक्चर का बजट संविधान के तहत विशेष बजट सब कुछ सत्ताधारी नेता और अफ़सर मिल बाँटकर बेच खा जा रहे हैं।
परिणाम स्वरूप बैगा आदिवासियों की बस्तियों के बच्चे कुपोषित, कम वजन के चलते मलेरिया मीजल्स के चलते तमाम बीमारियों के शिकार होते हुए मारे जा रहे हैं। करीब 30 बच्चों के मरने की जानकारी है मगर सैंकड़ों बच्चों की हालत नाजुक है बालाघाट जिले में कोई उचित इलाज नहीं सिर्फ खानापूर्ति।
सरकार और सभी संबंधित संवैधानिक संस्थाओं से माँग करते हैं की इस पूरे मामले की जाँच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करते हुए सभी बच्चों को एम्स या देश के अन्य प्रमुख अस्पतालों में भर्ती कर उचित इलाज कर अनुच्छेद 21 के ज़िंदा रहने के अधिकार से बच्चों को वंचित न किया जाए। विकास के जिम्मेदार मप्र सरकार के सारे मंत्री तत्काल इस्तीफ़ा दे।




