आलोट। शुगर मिल की लीज भूमि को लेकर आलोट क्षेत्र में विवाद गहराता जा रहा है। प्रशासन द्वारा जारी बेदखली नोटिसों के विरोध में नगर सहित आसपास के 11 गांवों के किसान तहसील परिसर पहुंचकर धरने पर बैठ गए। किसानों ने ज्ञापन सौंपते हुए कार्रवाई पर आपत्ति दर्ज कराई और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
बताया जा रहा है कि कुल 162.85 हेक्टेयर भूमि को लेकर यह पूरा विवाद खड़ा हुआ है। यह भूमि आंबा (29.57 हेक्टेयर), धुतिया (13.33 हेक्टेयर), तालोद (40.50 हेक्टेयर), आलोट (32.98 हेक्टेयर), जांदरी (39.82 हेक्टेयर), धुरिया (4.70 हेक्टेयर), गुराड़िया, छापरी, खजूरी सांखली, रलायता (10.76 हेक्टेयर) तथा भावगढ़ (पालनगर, 24.87 हेक्टेयर) सहित अन्य क्षेत्रों में स्थित बताई जा रही है। प्रभावित किसानों का कहना है कि इन गांवों के सैकड़ों परिवार लंबे समय से उक्त भूमि पर खेती करते आ रहे हैं और यही उनकी आय का मुख्य स्रोत है।
किसानों का आरोप है कि शुगर मिल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के बंद होने के बाद भूमि की स्थिति स्पष्ट नहीं की गई। पहले यह जमीन मिल के नाम दर्ज थी, बाद में शासन के नाम दर्ज हुई। अब रिकॉर्ड में परिवर्तन कर भूमि को अन्य प्रयोजनों के लिए चिन्हित किया जा रहा है। इसी आधार पर अतिक्रमण की कार्रवाई करते हुए नोटिस जारी किए गए हैं। किसानों का कहना है कि बिना समुचित सुनवाई के नोटिस दिए जाना न्यायसंगत नहीं है।
धरना दे रहे किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि लीज की शर्तें सार्वजनिक की जाएं, भूमि के स्वामित्व और उपयोग की स्थिति स्पष्ट की जाए तथा वर्षों से खेती कर रहे परिवारों को राहत दी जाए। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो वे जिला स्तर पर आंदोलन करेंगे।
वहीं प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि भूमि संबंधी अभिलेखों की जांच की जा रही है और शासन के निर्देशानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार सभी पक्षों को सुनवाई का अवसर दिया जाएगा।
फिलहाल शुगर मिल लीज भूमि का यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। आने वाले दिनों में प्रशासनिक निर्णय और किसानों की अगली रणनीति इस विवाद की दिशा तय करेगी।




