
आलोट। यमद्वितीया (भाई दूज) के पावन अवसर पर कायस्थ समाज एवं चित्रांश युथ फेडरेशन आलोट द्वारा समाज के आराध्य भगवान श्री चित्रगुप्त जी महाराज तथा कलम-दवात का सामूहिक पूजन-अर्चन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन श्री सत्यनारायण मंदिर स्थित चित्रगुप्त कायस्थ समाज धर्मशाला में श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ।
पौराणिक मान्यता के अनुसार चैत्र शुक्ल पक्ष की द्वितीया को यमराज अपनी बहन यमुना के घर गए थे, जहां यमुना ने उनका सत्कार कर भोजन कराया और तिलक लगाया। इससे प्रसन्न होकर यमराज ने वरदान दिया कि जो भाई इस दिन अपनी बहन के हाथ से भोजन करेगा, उसे अकाल मृत्यु का भय नहीं रहेगा। तभी से यह पर्व भाई-बहन के प्रेम, स्नेह और सुरक्षा के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है।
इसी दिन मनुष्यों के पाप-पुण्य, जीवन-मरण तथा धर्म-कर्म का लेखा-जोखा रखने वाले कायस्थ समाज के आराध्य भगवान श्री चित्रगुप्त जी महाराज एवं कलम-दवात का पूजन भी किया जाता है। इसी परंपरा के तहत आलोट में समाजजनों ने विधि-विधान से भगवान श्री चित्रगुप्त जी महाराज का पूजन-अर्चन किया।
कार्यक्रम के दौरान पंडित योगेश उपाध्याय द्वारा भगवान श्री चित्रगुप्त जी की कथा का वाचन किया गया। इसके पश्चात महाआरती कर महाप्रसादी का वितरण किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में समाजजनों ने भाग लेकर धर्म लाभ प्राप्त किया।
इस अवसर पर कायस्थ समाज के अध्यक्ष राजेंद्र निगम, भूपेंद्र निगम, प्रभात निगम, चंद्रशेखर निगम, अरुण निगम, चित्रांश युथ फेडरेशन के अध्यक्ष धीरेंद्र सिंह निगम, योगेश निगम, राजेश निगम सहित समाज के अनेक सदस्य उपस्थित
