
आलोट क्षेत्र में इन दिनों अवैध लकड़ी कटाई और परिवहन का कारोबार तेजी से फैलता नजर आ रहा है। जंगलों और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई कर लकड़ियों को ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहनों के माध्यम से नगर तक लाया जा रहा है। इसके बाद इन्हें विभिन्न स्थानों पर एकत्रित कर क्रेन मशीन की सहायता से बड़े-बड़े ट्रालों में लादकर दूसरे प्रदेशों में भेजा जा रहा है।

स्थानीय लोगों के अनुसार दरगाह मोहल्ला स्थित छत्तासवाली दरगाह के पीछे खुले मैदान में हजारों टन लकड़ियां लंबे समय से पड़ी हुई हैं। यहां रात के अंधेरे में क्रेन की मदद से लकड़ियों को बड़े ट्रालों में भरकर अन्य प्रदेशों के लिए रवाना किया जाता है। आश्चर्य की बात यह है कि नगर के बीचों-बीच खुलेआम यह गतिविधि चलने के बावजूद अब तक कोई बड़ी और ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है, जिससे लकड़ी माफियाओं के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं।

नगर के कई अन्य स्थानों पर भी अवैध रूप से लकड़ियों का भंडारण किए जाने की जानकारी सामने आ रही है। दिनदहाड़े भारी मात्रा में लकड़ी से भरे वाहन सड़कों से गुजरते देखे जा सकते हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि यह पूरा नेटवर्क लगातार सक्रिय है।

नगर के कई अन्य स्थानों पर भी अवैध रूप से लकड़ियों का भंडारण किए जाने की जानकारी सामने आ रही है। दिनदहाड़े भारी मात्रा में लकड़ी से भरे वाहन सड़कों से गुजरते देखे जा सकते हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि यह पूरा नेटवर्क लगातार सक्रिय है।

ग्रामीण जन का कहना है कि प्रशासन कभी-कभार औपचारिक कार्रवाई जरूर करता है, लेकिन उसका असर ज्यादा समय तक दिखाई नहीं देता और माफिया फिर से उसी काम में लग जाते हैं। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन वास्तव में इस अवैध कटाई और परिवहन पर रोक लगाना चाहता है तो जिन वाहनों से लकड़ी का परिवहन किया जा रहा है उन्हें राजसात किया जाए और संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त व पारदर्शी दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि समय रहते इस पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो जंगलों की अंधाधुंध कटाई से पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है और अवैध कारोबार करने वालों के हौसले और अधिक बढ़ सकते हैं।


