
आलोट नगर में विवाह समारोहों की आड़ में संचालित हो रहे कुछ मैरिज गार्डन और रिसोर्ट अब प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं। नगर के सूरज पैलेस रिसोर्ट एवं ईनाया गार्डन पर बिना वैध पंजीयन संचालन, सुरक्षा मानकों की अनदेखी और शासन के निर्देशों की अवहेलना जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं।
बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश विवाह स्थल पंजीकरण 2021 के प्रावधानों के तहत अनिवार्य अनुमति, अग्निशमन प्रमाणन और अन्य वैधानिक औपचारिकताएं पूरी किए बिना यहां धड़ल्ले से विवाह एवं अन्य आयोजन कराए जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इन स्थलों पर न तो पर्याप्त अग्निशमन उपकरण उपलब्ध हैं और न ही आपात स्थिति से निपटने की समुचित व्यवस्था। इसके बावजूद आयोजनों के नाम पर लाखों रुपए वसूले जा रहे हैं। नगर में विधिवत पंजीकृत विवाह स्थलों की कमी का लाभ उठाकर अवैध रूप से गार्डन संचालित किए जाने की बात सामने आ रही है, जिससे आम नागरिक आर्थिक और सुरक्षा दोनों स्तर पर जोखिम उठा रहे हैं।
विद्युत उपयोग को लेकर भी स्थिति संदिग्ध बताई जा रही है। आरोप है कि बिना वैधानिक विद्युत पंजीयन के ही उपभोक्ताओं से 15 से 20 रुपये प्रति यूनिट तक राशि ली जा रही है। यदि यह तथ्य सही पाए जाते हैं तो यह न केवल उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन होगा बल्कि विद्युत नियमों की भी अवहेलना मानी जाएगी।
कलेक्टर द्वारा रात्रि 10 बजे के बाद ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर प्रतिबंध के स्पष्ट आदेश जारी हैं, विशेषकर वर्तमान में परीक्षाओं के मद्देनजर। इसके बावजूद देर रात तक तेज ध्वनि में कार्यक्रम आयोजित होने की शिकायतें मिल रही हैं, जिससे आसपास निवासरत परिवारों और विद्यार्थियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
यह भी आरोप लगाए गए हैं कि रिसोर्ट के कमरों को बिना विधिवत अभिलेख संधारण और पहचान दर्ज किए किराए पर दिया जाता है। यदि ऐसा है तो यह सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर विषय है और पुलिस प्रशासन द्वारा इसकी जांच आवश्यक है। साथ ही संबंधित गार्डन के कृषि भूमि पर संचालित होने और व्यावसायिक डायवर्शन न होने की बात भी सामने आई है, जो राजस्व नियमों के तहत जांच का विषय बनती है।
नगरवासियों ने मांग की है कि प्रशासन तथ्यों की निष्पक्ष जांच कर स्पष्ट करे कि संबंधित स्थल वैधानिक रूप से संचालित हैं या नहीं। यदि अनियमितताएं पाई जाती हैं तो नियमानुसार कार्रवाई कर नगर में कानून का राज स्थापित किया जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की मनमानी पर अंकुश लगाया जा सके।


