
आलोट। जैन श्वेतांबर भवन में पंचांहिका प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ भक्तिभाव और उत्साह के साथ हुआ। प्रथम दिन महा मंगलिक प्रवचन में चंद्रप्रभा श्री जी की विदुषी शिष्या, प्रखर व्याख्यात्री साध्वी चंदनबाला श्री जी ने धर्म, तप और संयम के महत्व पर प्रेरक उद्बोधन देते हुए कहा कि जिसका मन धर्म और संयम में तपा हो, उसे देवता भी नमन करते हैं। उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन सर्वोपरि है, क्योंकि इसी जीवन में श्रवण, आचरण और संयम—तीनों का साधन संभव है। जिन शासन मिलना हमारे लिए सौभाग्य और पुण्य का परिणाम है, इसलिए पुण्य का संतुलन बनाए रखना हम सबका कर्तव्य है।
कार्यक्रम के दौरान नवकारसी के लाभार्थी महेंद्र कुमार–योगेंद्र कुमार मारवाड़ी तथा सौरभ कुमार–संतोष कुमार चतर परिवार का बहुमान श्री जिन कुशल सूरी दादा ट्रस्ट के अध्यक्ष सुरेश बांठिया, उपाध्यक्ष राजेंद्र पारीख, कोषाध्यक्ष नितेश बांठिया, विजय बाफना एवं अनिल चोपड़ा द्वारा किया गया। स्वागत गीत मोना मारवाड़ी ने प्रस्तुत किया, जबकि संचालन डॉ. सुनील चोपड़ा ने करते हुए प्रतिष्ठा महोत्सव की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत कीसाध्वी चंदनबाला श्री जी का नगर में प्रवेश नागेश्वर बाईपास चौराहे से समैया (चल समारोह) के रूप में हुआ। सकल श्री संघ की उपस्थिति में निकले इस भव्य चल समारोह में महिला मंडल की सदस्याएं सिर पर कलश धारण कर चल रही थीं।
नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए यह शोभायात्रा जैन श्वेतांबर भवन पहुंची। कार्यक्रम के पश्चात साध्वी श्रीजी की निश्रा में शाली भद्र भोजन मंडप का शुभारंभ भी विधिवत किया गया।प्रतिष्ठा महोत्सव अंतर्गत श्री जिन कुशल सूरी दादावाड़ी में सृजन कुशल सूरी आदि गुरु बिम्ब एवं अधिष्ठायक देव-देवियों की पावन प्रतिष्ठा 10 फरवरी से 14 फरवरी तक आयोजित की जा रही है। पंचांहिका महोत्सव की शुरुआत स्नात्र पूजा से हुई। 11 फरवरी को दोपहर 2:30 बजे कुंभ स्थापना एवं गांव सांझी मेहंदी वितरण कार्यक्रम होगा,
जबकि रात्रि भक्ति संभव जैन सीतामऊ एवं अमन आंचलिया आलोट द्वारा की जाएगी। 12 फरवरी को प्रातः भव्य रथ यात्रा निकाली जाएगी तथा रात्रि भक्ति दश दीपक मालू भोपाल एवं अमन आंचलिया द्वारा प्रस्तुत की जाएगी। 13 फरवरी को साध्वी मंडल की निश्रा में विधिकारक प्रवीण भाई जैन द्वारा भव्य प्रतिष्ठा सम्पन्न कराई जाएगी तथा फले-चुंदड़ी का आयोजन होगा। 14 फरवरी को प्रातः द्वार उद्घाटन विधि-विधान के साथ संपन्न होगा। प्रतिदिन प्रातः एवं सायं नवकारसी तथा सधार्मिक वात्सल्य का आयोजन लाभार्थी परिवारों के सहयोग से ट्रस्ट मंडल द्वारा किया जा रहा है।
भोजन व्यवस्था की जिम्मेदारी सिरेमल भंडारी एवं प्रियंक बांठिया को सौंपी गई है। पूरे नगर में धार्मिक वातावरण और भक्ति का उत्साह दिखाई दे रहा है, जिससे आलोट धर्ममय आभा से आलोकित हो उठा है।



